प्लांट पर निजी कंपनियों की नजर [Dainik Bhaskar, 12 Aug 2010]

Submitted by Gagandeep Singh... on Fri, 13/08/2010 - 9:45am

प्लांट पर निजी कंपनियों की नजर

चंडीगढ़. वित्तमंत्री मनप्रीत बादल के अपने हलके गिदड़बाहा में लगने वाले 2640 मेगावाट का थर्मल प्लांट जो संभवत: इस रीजन का सबसे बड़ा प्लांट होगा, को लेने के लिए बड़ी प्राइवेट कंपनियों की नजर है।
हालांकि पंजाब सरकार ने इसे नेशनल थर्मल पावर कॉपरेरेशन से बनवाने की सहमति दी हुई है लेकिन इस प्लांट के लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना में कोल लिंक न मिलने के कारण यह बहुकरोड़ीय परियोजना रुकी हुई है।

उधर, प्लांट के लिए गिदड़बाहा के गांव थेड़ी, घग्गा और बबानिया की 2316 एकड़ जमीन अधिगृहीत करने के लिए बिजली विभाग की ओर से बुधवार से सेक्शन चार का नोटिस जारी कर ऐतराज मांगे गए हैं। यह जमीन गिदड़बाहा पावर प्लांट नाम से अधिगृहीत की जाएगी। बता दें कि यदि यह प्लांट किसी निजी कंपनी को चला जाता है तो पंजाब में यह चौथी थर्मल परियोजना होगी जो निजी कंपनियां बना रही हैं।

इससे पहले तलवंडी साबो में 1920 मेगावाट का वेदांता ग्रुप की ओर से, गोइंदवाल में 600 मेगावाट का जीवीके ग्रुप और राजपुरा मंे 2100 मेगावाट का एलएंडटी की ओर से तीन परियोजनाओं पर काम चल रहा है। एनटीपीसी सरकारी कापरेरेशन है जिसे गिदड़बाहा का पावर प्लांट देने की योजना है लेकिन यदि कोल लिंक न मिला तो इसको भी किसी निजी क्षेत्र के हवाले किया जा सकता है।

कई बड़ी कंपनियों ने दिखाई है रुचि : मनप्रीत बादल

कोल लिंक न मिलने के कारण लटके इस प्रोजेक्ट को लेने के लिए अडानी ग्रुप सहित कई और कंपनियों ने इसमें अपनी रुचि दिखाई है। वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने बताया कि इन कंपनियों का प्रस्ताव है कि इनके पास खुद की कोयला खदानें हैं। अडानी ग्रुप ने तो हाल ही में आस्ट्रेलिया में कोयले की खदान ली है।

मनप्रीत बादल ने बताया कि फिलहाल इनके प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है, क्योंकि कोल लिंक न मिलने के कारण प्रोजेक्ट को ज्यादा देर तक नहीं रोका जा सकता। हमने केंद्र सरकार के सामने कोल लिंक के लिए कई बार कोशिश कर ली है, लेकिन कोयले की कमी के चलते पहले ही कोल इंडिया ने 30 फीसदी कोयला आयात करने के लिए कह दिया है।