टोरन्ट को 150 करोड़ का लाभ पहुंचाने का आरोप
लखनऊ (एसएनबी)। आगरा की बिजली व्यवस्था फ्रेंचाइजी को सौंपने के एक साल पूरा होने पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने फ्रेंचाइजी करार निरस्त करने की मांग की है। संघर्ष समिति ने कहा कि पावर कारपोरेशन ने करार का उल्लंघन करके निजी कंपनी को साल भर में 150 करोड़ रुपये से अधिक लाभ पहुंचाया है और गलत करार के चलते लगभग 295 करोड़ रुपये का अतिरिक्त घाटा उठाया है, जिसका भार अंतत:आम जनता पर डाला जाएगा। संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक में मुख्यतया शैलेन्द्र दुबे, ओम प्रकाश पाण्डेय, गिरीश पाण्डेय, सव्रेश द्विवेदी, आलोक सिन्हा, अरुण कुमार, कन्हई राम, पी.के.दीक्षित,सी.एन.सिंह व अवधेश श्रीवास्तव ने कहा कि 01 अप्रैल 10 को आगरा की बिजली व्यवस्था निजी फ्रेंचाइजी मेसर्स टोरन्ट पावर कंपनी को दिया गया था। इसका दुष्परिणाम यह हुआ कि पावर कारपोरेशन को साल भर में लगभग 450 करोड़ रुपये की क्षति हुई। उन्होंने विवरण जारी करते हुए कहा कि कारपोरेशन ने साल भर में निजी कंपनी को लगभग 2157 मिलियन यूनिट बिजली मात्र 1.80 रुपया/यूनिट की दर से बेचा, जबकि पावर कारपोरेशन की अपनी लागत 3.17 रुपया/यूनिट है। इस प्रकार गलत करार के चलते प्रति यूनिट 1.37 रुपया/यूनिट का घाटा उठाकर निजी कंपनी को बिजली बेचने में कारपोरेशन को लगभग 295 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। यही नहीं इसके अतिरिक्त करार के अनुसार कारपोरेशन को निजी कंपनी को 158.51 मिलियन यूनिट बिजली प्रतिमाह 1.80 रुपये/यूनिट की दर पर देना था, लेकिन इससे अधिक बिजली का मूल्य थोक दरों में लाइन हानियां व ट्रेडिंग मार्जिन जोड़कर लिया जाना था जो रुपया 5.72 प्रति यूनिट थी, लेकिन लगभग 2157 मि.यू. बिजली दी गयी जो करार से 255 मिलियन यूनिट अधिक है। यही नहीं रुपया 5.72/यूनिट के हिसाब से 255 मिलियन यूनिट अतिरिक्त बिजली का मूल्य लगभग 145 करोड़ रुपया आता है जो निजी कंपनी से वसूल कर उसे लाभ पहुंचाया जा रहा है। इतना ही नहीं लगभग 2000 करोड़ रुपया बिजली का एरियर निजी कंपनी को वसूल कर पावर कारपोरेशन को देना था, लेिकन टोरन्ट ने इस मद में अब तक एक भी पैसा पावर कारपोरेशन को नहीं दिया। ऐसे में घपलों के चलते आगरा व केस्को की फ्रेंचाइजी रद्द की जाए और पावर कारपोरेशन को हुए लगभग 295 करोड़ रुपये के घाटे व निजी कंपनी को पहुंचाए गये 145 करोड़ के लाभ का आडिट कराया जाए।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने फ्रेंचाइजी करार निरस्त करने की मांग की