विद्युत विभाग और राज्य सरकार के कर्मचारियों का वेतन एक समान
Source: Bhaskar News | Last Updated 03:35(08/08/11)
गुड़गांव. विद्युत अधिकारियों के लिए खुशी की बात है कि सरकार विद्युत निगमों में एसडीओ को राज्य सरकार एसडीओ के बराबर वेतन व अन्य भत्ते देने पर राजी हो गई है।
इसके अतिरिक्त बिजली निगमों की संरचना दोबारा से व्यवस्थित करने का सरकार ने फैसला लिया है। प्रदेश के बिजली मंत्री कैप्टन अजय यादव ने आल हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन को यह आश्वासन दिया है। मंत्री के इस आश्वासन से विद्युत अधिकारियों में खुशी की लहर फैल गई है।
एसोसिएशन के महासचिव व सोहना सब-डिविजन के एक्सईएन दलजीत सिंह ने बताया कि मंत्री ने उनकी सभी मांगों पर प्रमुखता से विचार करने का आश्वासन दिया है। इंजीनियरों के लिए सबसे खुशी की बात यह है कि मंत्री ने बिजली निगमों के एसडीओ को प्रदेश सरकार के एसडीओ के बराबर वेतन व अन्य भत्ता देने की एक महीने में व्यवस्था करने का भरोसा दिलाया है।
इसके साथ ही मंत्री ने अगले 15 दिनों में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) की संरचना का पुन: निर्धारित करने का आश्वासन दिया है। दलजीत सिंह ने बताया कि जब से डीएचबीवीएन का गठन हुआ है, तब से लेकर अब तक पुरानी संरचना के आधार पर ही निगम चल रहा है, जिसके चलते अधिकारियों और कर्मचारियों पर काम का बोझ कई गुना बढ़ गया है।
पिछले कुछ वर्र्षो में काम का दायरा और उपभोक्ताओं की संख्या कई गुना हो गई है, लेकिन उसके अनुसार पदों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। नियमत: हर पांच वर्ष में निगम की संरचना पुन: निर्धारित की जानी चाहिए। इसके लिए लंबे समय से मांग की जाती रही है। मंत्री ने एक महीने में डीएचबीवीएन की संरचना का नए सिरे से निर्धारण करने का भरोसा दिलाया है।
इस संबंध में मंत्री ने बिजली निगमों की नीति पर पुन: विचार करने का भरोसा दिलाया है। इसके अतिरिक्त मंत्री ने बिजली निगमों में इंजीनियर इन चीफ (प्रमुख अभियंता) के पद का सृजन करने का भी भरोसा दिलाया है। दलजीत ने बताया कि एसोसिएशन के प्रधान आरएस दहिया की अगुवाई में एसोसिएशन का एक प्रतिनिधि मंडल शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित सचिवालय में मंत्री से मिला और उनके समक्ष अपनी मांगों से संबंधित एक प्रस्ताव रखा। प्रतिनिधिमंडल में थर्मल पावर जनरेशन से प्रधान आरके जांगड़ा, महासचिव हरदीप सांगवान व अन्य पदाधिकारी शामिल थे। इस अवसर पर चारों बिजली निगमों के एमडी व डायरेक्टर उपस्थित थे।